इम्तियाज अली बुर्का और पर्दा प्रथा के खिलाफ:कहा- महिलाएं जब कहती हैं वो इसमें कंफर्टेबल हैं, तो ये पिछड़े समाज की निशानी, जमकर हुई आलोचना

0
इम्तियाज अली बुर्का और पर्दा प्रथा के खिलाफ:कहा- महिलाएं जब कहती हैं वो इसमें कंफर्टेबल हैं, तो ये पिछड़े समाज की निशानी, जमकर हुई आलोचना

इन दिनों फिल्म मैं वापस आऊंगा से चर्चा में बने हुए डायरेक्टर इम्तियाज अली ने बुर्का और पर्दा प्रथा पर एक स्ट्रॉन्ग स्टेटमेंट दिया है, जिसके बाद से ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। उनका कहना है कि महिलाओं का ये कहना कि वो बुर्के में सहज हैं, ये एक पिछड़े समाज की निशानी है। हाल ही में अनफिल्टर विद समदीश को पॉडकास्ट में इम्तियाज अली ने कल्चर और समाज पर बात करते हुए कहा है, ‘मुझे ये बड़ा नापसंद है, जब लोग कहें कि मैं बुर्के में कंफर्टेबल हूं, मैं पर्दे में कंफर्टेबल हूं। अगर आपको ऐसा लगता है तो ये एक पिछड़े हुए समाज की निशानी है। ये ठीक नहीं है जब आप कहते हैं कि मैं कंफर्टेबल हूं।’ आगे उन्होंने कहा, ‘इसका मतलब ये है कि आपके दिमाग में इतना विक्टिमाइजेशन हो गया है। मुझे नहीं पता ये कैसे कहना चाहिए। मैं इस बारे में आसपास के लोगों को टोक नहीं रहा या किसी के घर जाकर ये बोलता नहीं हूं। ये वो है जिस पर मैं यकीन करता हूं। अगर कोई कर रहा है तो ठीक है।’ आखिर में इम्तियाज अली ने कहा, ‘मैं आजकल सोच रहा हूं कि मॉडरेट (संतुलित सोच वाले) लोग कहां हैं। आप किसको वोट दोगे, आप कहां हों, ठीक है, आप कहीं भी हो सकते हैं। आज कल सब एक्स्ट्रीम हैं। अगर किसी की सोच नहीं मिलती तो हम उससे नफरत नहीं कर सकते।’ इम्तियाज अली के बयान पर छिड़ी बहस बुर्के पर दिया गया इम्तियाज अली का ये बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना की जा रही है। कुछ सोशल मीडिया यूजर ने सवाल उठाया है कि इम्तियाज अली खुद एक ऐसे समाज से आते हैं, जहां बुर्का प्रथा है। वहीं कुछ उन्हें पाखंडी कह रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है, ‘इम्तियाज अली ने बुर्का/पर्दा की प्रथा को कमजोर, पिछड़ी सोच और समस्याग्रस्त बताया। लेकिन यह समदीश उसका बचाव करते हुए कह रहा है कि अगर किसी समुदाय ने इसे सामान्य मान लिया है, तो हम उस पर सवाल कैसे उठा सकते हैं? इम्तियाज खुद उसी समुदाय से आते हैं। वाह रे। कैसे पाखंडी हैं।’
एक यूजर ने लिखा, “मुसलमानों के सबसे बड़े दुश्मन ये लिबरल लोग हैं, क्योंकि ये उनकी गलत बातों या कमियों की आलोचना करने से बचते हैं।” इम्तियाज की फिल्म को कहा गया एंटी-नेशनल इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी फिल्म मैं वापस आऊंगा 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। ये फिल्म भारत-पाकिस्तान के बंटवारे की एक अधूरी प्रेम कहानी पर आधारित है, जिसे कई लोग एंटी नेशनल कह रहे हैं। इस पर फिल्म के म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान ने भी हंसते हुए रिएक्शन दिया था। दिलजीत दोसांझ, वेदांग रैना, शरवरी वाघ और नसीरुद्दीन शाह स्टारर ये फिल्म रिलीज के पहले हफ्ते 14 करोड़ का कलेक्शन कर चुकी है। फिल्म को पाकिस्तान से मिलीं तारीफें पाकिस्तानी फिल्ममेकर उमर नासिर अली ने इम्तियाज अली की फिल्म मैं वापस आऊंगा की जमकर तारीफ करते हुए इसे एक बेहद खूबसूरत और गहरी भावनात्मक फिल्म बताया है। उमर नासिर के मुताबिक, यह फिल्म उनके दिल के बेहद करीब है क्योंकि वे खुद भी इसी विषय के आसपास एक फिल्म बना रहे हैं। इम्तियाज अली के बारे में-

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *