बीमार फैन से मिलकर रोए पवन कल्याण:इलाज के लिए 1 लाख रुपए भी दिए; मानहानि केस में कोर्ट ने पक्ष में दिया आदेश
आंध्रप्रदेश के उपमुख्यमंत्री और साउथ एक्टर पवन कल्याण ने दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे एक नन्हे फैन से मुलाकात की। इस मुलाकात से पहले पवन कल्याण मंदिर जाकर उनके लिए खुद थाल लेकर आए। बिस्तर पर लेटे हुए बीमार फैन को देख पवन भावुक हो गए और उसे गले लगाकर रो पड़े। उन्होंने उस फैन के परिवार को आर्थिक मदद भी दी है। पवन कल्यान और फैन की मुलाकात की तस्वीरें- पवन कल्याण ने सोशल मीडिया के जरिए बताया है कि उन्होंने हाल ही में वारंगल जिले के हनमकोंडा के रहनेवाले निरंजन का एक वीडियो देखा था। निरंजन एक दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे हैं, जो पवन कल्याण के बड़े फैन हैं। उन्हें पवन कल्याण से मिलने की इच्छा जताई थी। इस पर पवन कल्याणन ने लिखा, ‘मुझे लगा कि उनकी यह इच्छा जरूर पूरी होनी चाहिए। आज मैं उनके घर हनमकोंडा पहुंचा और उनसे मुलाकात की। निरंजन का साहस, आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों का सामना करने का उनका जज्बा सचमुच प्रेरणादायक है। इतनी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद उनका मजबूत हौसला काबिले-तारीफ है।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘मैंने भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी से निरंजन के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की प्रार्थना की। साथ ही मां भद्रकाली का आशीर्वाद हमेशा उन पर बना रहे, यही कामना करता हूं। ईश्वर की कृपा से वह जल्द स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौटें।’ मानहानि मामले में कोर्ट ने पवन कल्याण के पक्ष में ऑर्डर दिया कुछ समय पहले ही सोशल मीडिया पर कई ऐसी पोस्ट की गईं, जिनमें पवन कल्याण पर झील की जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप लगाए गए थे। पवन कल्याण ने इसके खिलाफ बैंग्लोर सिटी सिविल कोर्ट में याचिका दायर कर इसे मानहानिकारक बताया था। अब कोर्ट ने पवन के पक्ष में आदेश देते हुए उनके खिलाफ की गईं सभी सोशल मीडिया पोस्ट पर रोक लगा दी है। ये आदेश 24 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई तक जारी रहेगा। सोशल मीडिया पोस्ट्स में आरोप लगाए गए थे कि हैदराबाद में उनकी एक जमीन झील के फुल टैंक लेवल (FTL) क्षेत्र में आती है और उस पर अतिक्रमण किया गया है। कोर्ट ने 10 जून को एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए पवन कल्याण के खिलाफ कथित रूप से मानहानिकारक सामग्री के प्रकाशन, प्रसारण और सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने पर अस्थायी रोक लगा दी। 11 जून को कोर्ट ने अपने आदेश में संशोधन करते हुए 12 विशेष लिंक भी शामिल किए, जिनमें यह सामग्री मौजूद थी। आज कोर्ट ने X (पहले ट्विटर), गूगल और मेटा (फेसबुक-इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी) को निर्देश दिया कि वे इन लिंक को ब्लॉक करें और पवन कल्याण के खिलाफ मानहानिकारक प्रकृति की सामग्री को अपने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध न होने दें। बता दें कि ये आरोप इस महीने की शुरुआत में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के मीडिया समूह ‘साक्षी मीडिया’ और तेलंगाना रक्षा सेना की अध्यक्ष के. कविता की ओर से लगाए गए थे। उनका दावा था कि पवन कल्याण की जमीन का एक हिस्सा झील के संरक्षित क्षेत्र में आता है। पवन कल्याण के बारे में-
