भूमि पेडनेकर पर पूर्व एक्टिंग टीचर का आरोप:श्रुति देसाई बोलीं- फिल्म स्कूल में टीचरों के साथ करती थीं असम्मानजनक व्यवहार

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भूमि पेडनेकर पर पूर्व एक्टिंग टीचर का आरोप:श्रुति देसाई बोलीं- फिल्म स्कूल में टीचरों के साथ करती थीं असम्मानजनक व्यवहार

एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर पर उनकी पूर्व एक्टिंग टीचर श्रुति देसाई ने टीचरों के साथ बुरा बर्ताव करने का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए NEET विरोध प्रदर्शन में कुछ लोगों ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। इसकी भूमि ने आलोचना की थी और कुछ लोगों ने उन्हें इसके लिए ट्रोल किया था। अब भूमि की कथित पूर्व एक्टिंग टीचर श्रुति देसाई की एक सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में है। श्रुति देसाई ने अपनी पोस्ट में लिखा, “भूमि पेडनेकर, मुझे याद है कि मैं मुंबई के एक फिल्म स्कूल में कुछ समय के लिए आपकी टीचर थी। बदकिस्मती से, मुझे यह भी याद है कि आप अपने टीचरों के प्रति काफी असम्मानजनक, लगभग तिरस्कारपूर्ण व्यवहार करती थीं। क्या आप बता सकती हैं कि सम्मान और जिम्मेदारी को लेकर आपका नजरिया अब कैसे बदल गया?” अभद्र भाषा की आलोचना की थी भूमि पेडनेकर ने 2 अगस्त को अपने वीडियो मैसेज में कहा था कि शिक्षा और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने का हक सभी को है, लेकिन अपनी बात रखने का तरीका सही होना चाहिए। उन्होंने कहा था, “सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल हमारे देश के युवा कर रहे हैं, वह बेहद चिंताजनक है। हम अपने देश के सबसे ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति के बारे में बात कर रहे हैं। क्या हम अपने घर के बड़ों से कभी इस तरह बात करते हैं?” पूरी खबरे पढ़ें भूमि के इस बयान को कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने ‘एकतरफा’ बताया था। आलोचकों का कहना था कि भूमि ने 20 जुलाई को हुए ‘संसद मार्च’ के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज, पुलिस कार्रवाई और उनकी मांगों पर कोई बात नहीं की, बल्कि सिर्फ नारेबाजी पर ध्यान दिया। वहीं, 3 अगस्त को शेयर किए गए दूसरे वीडियो में भूमि पेडनेकर ने कहा था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही एक युवा छात्रा का इंटरव्यू वायरल होने के बाद उसे सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जा रहा है। उसे डरावनी धमकियां और भद्दे मैसेज भेजे जा रहे हैं। भूमि ने कहा था कि इस तरह का ऑनलाइन उत्पीड़न किसी भी इंसान के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है। उन्होंने कहा कि लोगों को आपसी बातचीत में संवेदनशीलता, सम्मान और सहानुभूति रखनी चाहिए, न कि किसी की जान के पीछे पड़ जाना चाहिए।

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