चीन में कोरोना जेएन.1 की लहर, क्या होगा भारत पर असर?

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Corona JN1

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना का जनक कहा जाने वाला चीन फिर कोरोना के संकट से घिर सकता है। कोरोना के सब वैरिएंट जेएन.1 के चीन में केस बढ़ रहे हैं। अब ड्रैगन को भी खतरा लगने लगा है। चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कोविड-19 के मामले बढ़ने की चेतावनी जारी कर दी है। जहां तक भारत की बात है तो देश में कोरोना के नए वैरिएंट के केस में कमी दर्ज की गई है। लेकिन चीन की चेतावनी के बाद जनवरी के अंत तक सतर्क रहने की जरूरत है। चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन ने हालांकि कहा है कि अभी कोरोना के जेएन.1 वैरिएंट के मामले कम हैं। लेकिन चीन के हेल्थ अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि देश में जेएन.1 वैरिएंट का वायरस काफी बड़ी तादाद में मौजूद है। चीन के विशेषज्ञ कोरोना के इस नए वैरिएंट से सतर्क हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के मौसम में कई सांस से संबंधित बीमारियां फैल सकती हैं। चीन में अस्पतालों को कोरोना के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए सतर्क कर दिया गया है। यही नहीं, चीन ने कोरोना से निपटने के लिए अपने हेल्थ वर्क्स की ट्रेनिंग प्रोग्राम भी शुरू कर दिया है। भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 375 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में अभी कोरोना के 3,075 मरीज हैं। पिछले 24 घंटे में कोविड-19 से 2 लोगों की मौत भी हुई है। यही नहीं, भारत में कोरोना के मामले में फिलहाल कमी दर्ज की जा रही है। 5 दिसंबर 2023 से देश में कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 के केस बढ़ने लगे थे। हालांकि, दिसंबर के अंत तक इसके मामले में कमी आने लगी थी। जनवरी के दूसरे हफ्ते में भी कोरोना के मामलों में कमी दर्ज की गई है। 6 जनवरी तक देश के 12 राज्यों में जेएन.1 वैरिएंट के कुल 682 नए मामले दर्ज किए गए थे। सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच कहा था कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। देश में तापमान में कमी के बाद ही कोरोना के मामले में बढ़ने लगे थे। जेएन.1 ओमीक्रोन का सब वैरिएंट ही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के इस नए सब वैरिएंट को वैरिएंट ऑफ कन्सर्न बताया था। इस नए वैरिएंट से मौत का आंकड़ा भी बेहद कम है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े के मुताबिक नए वैरिएंट से मौत का आंकड़ा 1.81 फीसदी है। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका की हेल्थ एजेंसियों ने ओमीक्रोन के सब वैरिएंट जेएन.1 के बारे में जानकारी साझा की है। इस जानकारी के मुताबिक, दुनिया में अभी सबसे ज्यादा कोरोना के मरीज जेएन.1 वैरिएंट के ही मिल रहे हैं।

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