बाबूलाल की आँखों से दो लोगों को मिलेगी रोशनी ,शरीर से अध्ययन कर पाएंगे छात्र

अलीगढ़ । देहदान कर्त्तव्य संस्था ने डॉ एस के गौड़ की अध्यक्षता में एक और नेत्र/देहदान सफलतापूर्वक सौहार्दपूर्ण वातावरण में कराया। डॉ गौड़ को बरौला बाई पास स्थित सियाराम वृद्धाश्रम से अध्यक्ष सत्यदेव शर्मा का फोन आय़ा कि बाबूलाल के नेत्र/देह दान होना है। डॉ गौड़ ने जे एन मैडिकल कॉलेज नेत्र विभाग के मुहम्मद साबिर एस एल ए को सूचित किया उन्होंने अविलंब टीम ले जा कर नेत्रदान की प्रक्रिया करा दी। डॉ गौड़ ने साई आयुर्वेदिक मैडिकल कॉलेज से संपर्क किया उन्होंने अविलंब एम्बुलेंस भेज पार्थिव शरीर को ससम्मान प्राप्त कर लिया। इस अवसर पर डॉ गौड़ ने कहा कि प्रत्येक इंसान को समाज के अहसान को जेहन में रखना चाहिए। जाते जाते नेत्र/देह दान करना चाहिए। इससे दो लोगों की जिंदगी रोशन तो होती है। साथ ही अच्छे चिकित्सक बनने के वास्ते एक पार्थिव शरीर भी अध्ययन हेतु मिल जाता है। जला कर भी हम क्या पाते हैं।
इस अवसर पर भुवनेश वार्ष्णेय आधुनिक , सुनीता, प्रोफेसर ए के अमिताव, प्रोफेसर जिया सिद्दीकी, डॉ मुहम्मद शाकिब, डॉ रितिका गोयल, डॉ डिम्पल ठकृकृर, शमीम आदि सहयोगी बने।