टेरर फंडिंग मामले में जमात ए इस्लामी के कई ठिकानों पर एनआईए ने की छापामारी

जम्मू (एजेंसी)। एनआईए ने जमात ए इस्लामी से जुड़े लोगों के 15 ठिकानों पर छापेमारी की है। इसके अलावा एजेंसी ने टेररिंग फंडिंग के शक में जम्मू में इस्लामिक मॉडल स्कूल को भी निशाने पर लिया। इस दौरान 20 लाख रुपये नगद व आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। मिली जानकारी के अनुसार प्रतिबंधित संगठन जमात ए इस्लामी (जेईआई) से जुड़े लोगों के 15 ठिकानों पर शनिवार को एनआईए ने एक साथ जम्मू-कश्मीर के पांच जिलों में छापे मारे। जमात तथा उसकी ट्रस्ट की गतिविधियों से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज तथा डिजिटल उपकरणों की जांच की जा रही है। इस दौरान 20 लाख रुपये से अधिक की नकदी भी मिली है। जम्मू से एक निजी स्कूल के चेयरमैन समेत दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। बता दें कि केंद्र ने फरवरी 2019 में जमात पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था। एनआईए की टीमों ने श्रीनगर में पांच, बडगाम में तीन, कुलगाम में दो, अनंतनाग में एक और जम्मू में चार स्थानों पर विभिन्न संदिग्धों के परिसरों पर कार्रवाई कर पूछताछ की। एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में जमात के पूर्व अध्यक्ष शेख गुलाम हसन, हस्सन तथा सयार अहमद रेशी के आवास पर भी छापे मारे गए। 5 फरवरी 2021 को दर्ज मामले में अब तक की जांच से पता चला है कि जेईआई और उसके सदस्यों ने फरवरी 2019 में यूएपीए के तहत संगठन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी आतंकवादी गतिविधियों को चलाया गया। यह भी बताया जा रहा है कि प्रतिबंधित संगठन देश के साथ ही विदेश से दान के माध्यम से धन एकत्र कर रहा था। जांच में यह पाया गया कि जेईआई जुटाए गए धन को कैडर नेटवर्क के माध्यम से प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों जैसे हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम), लश्कर-ए-ताइबा को भेज रहा था। जेईआई अपनी नापाक और अलगाववादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए जम्मू-कश्मीर में प्रभावशाली युवाओं को प्रेरित करने और नए सदस्यों (रुकुन) की भर्ती करने में भी लगा हुआ था। फंडिंग मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं इस्लामिक मॉडल स्कूल के प्रबंधक अब्दुल रहमान टिपू को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि एनआईए की टीम करीब पांच घंटे तक स्कूल में जांच-पड़ताल करती रही। हालांकि स्कूल के सामान्य कामकाज को बाधित नहीं होने दिया गया। एनआईए की टीम ने स्कूल प्रबंधन के कैशियर से भी पूछताछ की। यहां भी स्कूल को हुई फंडिंग से जुड़े दस्तावेजों को जांचा गया है। इस दौरान जमात से जुड़े लोगों से पूछताछ की और जरूरी दस्तावेज हासिल किए।