सीएम योगी पहुंचे हाथरस, अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हालचाल

इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ पीड़ितों और उनके परिवार के साथ खड़ी है। सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्राप्ति हो, प्रभु श्री राम से यही प्रार्थना है।” हाथरस में हुई एक भीषण घटना में 121 लोगों की मौत हो गई है। पूरे देश को झकझोर देने वाली यह घटना तब हुई जब नारायण साकार विश्व हरि (भोले बाबा) के सत्संग के बाद उनका चरण रज लेने और दर्शन करने के लिए लोग आतुर हो गए। मरने वालों में अधिकतर महिलाएं शामिल हैं। यह सन 1954 में हुए प्रयागराज महाकुंभ में मची भगदड़ के बाद प्रदेश में अब तक का दूसरा सबसे बड़ा हादसा है। केंद्र और राज्य सरकार ने मृतकों के परिवार वालों को दो-दो लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री समेत कई नेताओं ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। बताया जा रहा है कि इस सत्संग के लिए 80 हजार लोगों की उपस्थिति की प्रशासनिक अनुमति थी लेकिन मौके पर डेढ़ लाख से अधिक लोग पहुंच गए। इसके चलते भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था औंधे मुंह हो गई। लोग सड़क किनारे के फिसलन भरे गड्ढे में गिरने लगे। पीछे से भीड़ का दबाव, नदारद भीड़ प्रबंधन और इसके चलते हुई भगदड़ ने भयावह रूप ले लिया।