राष्ट्र के सशक्तिकरण के लिए सामाजिक आर्थिक परिवर्तन जरूरी-रोहिताश कुमार विक्की

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अलीगढ़। राजकीय कृषि एवं औद्योगिक प्रदर्शनी के मुक्ताकाश मंच पर सामाजिक आर्थिक लीडरशिप प्रोग्राम का आयोजन धम्म प्रवर्तक श्रीमती शीला सिंह की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सिविल डिफेंस के कमांडेंट सीपी सिंह, द बुद्धिष्ठ सोसाइटी आफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयसिंह सुमन, अर्जुन स्वामी एडवोकेट, मधु सत्या, बाॅलीवुड गीतकार अवनीश राही, शिक्षाविद् श्रीमती अर्चना सिंह, संपादक गौरव सिंह, मानव सेवा संस्थान के अध्यक्ष, केबी मोर्य ने भाग लिया। कार्यक्रम में सामाजिक आर्थिक परिवर्तन के विविध पक्षों पर गहन व व्यापक चर्चा की गई तथा मावनता व समाजहित में काम करने वाले 100 से अधिक लोगों को सामाजिक आर्थिक परिवर्तन लीडरशिप सम्मान से गोल्ड मैडल देकर व प्रशस्ति पत्रा देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जयभीम फाउंडेशन के निदेशक रोहिताश कुमार विक्की ने कहा कि डाॅ0 बाबा साहब अम्बेडकर कहा करते थे कि भारत अभी एक राष्ट्र नहीं है। बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में है और भारत जब तक एक राष्ट्र नहीं बन जाता जब तक इस देश में कमजोर वर्ग के लोगों दलित व महिलाओं आदि को व्यवहारिक रूप से समानता का दर्जा नहीं मिल जाता है। एक वर्ग पर शोषण व उत्पीड़न करके नीचा दिखाकर आखिर भारत राष्ट्र कैसे कहा जा सकता है। भारत एक सम्पूर्ण और अखण्ड राष्ट्र बने इसके लिए कमजोर वर्गों के लोगों को मुख्य धारा में लाना उन्हें बराबरी का अधिकार देना तथा जातिगत व साम्प्रदायिक वैमनस्य का खात्मा जरूरी है। और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए उनकी संसाधनों में भागीदारी और राजनैतिक प्रतिनिधित्व में भागीदारी अनिवार्य है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अथिति द बुद्धिष्ठ सोसाइटी आफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयसिंह सुमन ने कहा कि डाॅ0 बी0आर0 अम्बेडकर के मूल मंत्रों, शिक्षा, संगठन व संघर्ष में ही बहुजन समाज की तरक्की का और सामाजिक आर्थिक परिवर्तन का मंत्रा छुपा हुआ है।
अर्नुन स्वामी एडवोकेट ने कहा कि डाॅ0 बाबा साहब अम्बेडकर ने विषम परिस्थितियों में भी लोगों के सामाजिक आर्थिक व राजनैतिक न्याय के लिए काम किया। अब हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि समाज की उन्नत बनाने के लिए, सामाजिक आर्थिक परिवर्तन के लिए कार्य करें और अपनी जिम्मेदारी निभाए।
ललित गौतम एडवोकेट ने कहा कि बुद्ध के धम्म मार्ग पर चलकर हम समाज में सामाजिक क्रांति ला सकते हैं।
कार्यक्रम में फिल्मी गीतकार डाॅ0 अवनीश राही ने ‘चल चला चल साथी रे’ एक मोटिवेशनल गाना सुनाकर कार्यक्रम को नई ऊंचाईयां दी।
सिविल डिफेंस के काॅडिनेटर श्री सीपी सिंह ने कहा कि गृह मंत्रालय का नागरिक सुरक्षा विभाग नागरिकों की सेवा में सदैव तत्पर है। नागरिक सुरक्षा विभाग के लिए मानवता व राष्ट्र सर्वोपरि है। कार्यक्रम में संपादक गौरव सिंह ने सामाजिक आर्थिक परिवर्तन के महत्वपूर्ण पहलुओं को छुआ। वहीं वीमेंस वाइस की अध्यक्ष मधु सत्या ने डाॅ0 अम्बेडकर द्वारा महिलाओं के लिए हिन्दू कोड बिल के माध्यम से दिलाए गए अधिकारों को उल्लेख किया। वहीं सोनम अम्बेडकर ने कहा कि बदलाव स्वयं से शुरू होता है इसलिए अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव का संकल्प लें।
कार्यक्रम का शुभारम्भ भारत के संविधान की शपथ से शुरू हुआ है। सभी प्रतिभागियों ने संविधान के प्रति अपनी निष्ठा और कर्तव्य का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सर्वश्री गीता मोर्या एडवोकेट, देवराज सिंह एडवोकेट, देवेन्द्र सिंह आहुजा, ताहिर हुसैन, ताराचन्द, फतेहसिंह बौद्ध, रामवीर सिंह बौद्ध, गुलिस्ता खान, मो0 शाकिर, योगेन्द्र सिंह, डाॅ0 हेमन्त पुष्कर देवेन्द्र कुमार एडवोकेट, पवन कुमार, मुबारक अली, किशोरीलाल बौद्ध, शिवकुमार, शाकाल, जतिन कुमार, पूनम, रजनी, रीना यादव, बबिता कुमारी, रहनुमा खान राकेश त्यागी, विमला गौतम, अली मोहम्मद, विद्या देवी आदि प्रतिष्ठित लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर बच्चों-पायल, ज्हानवी, पलक, खुशी आदि ने सांस्कृतिक प्रोग्राम भी प्रस्तुत किये। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को शाॅल पहनाकर, बुके व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।

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