अलीगढ़ ।अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग और यूनानी चिकित्सा संकाय के निस्वां व कबालात विभाग ने स्तन कैंसर जागरूकता माह-2026 के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इनका उद्देश्य स्तन कैंसर की समय रहते पहचान, शीघ्र चिकित्सकीय परामर्श और स्तन स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
“हर कहानी अनूठी है, हर सफर महत्वपूर्ण है” विषय के तहत सामुदायिक चिकित्सा विभाग ने अलीगढ़ के जवां स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा छह से आठ तक की छात्राओं के लिए जागरूकता सत्र आयोजित किया। सहायक प्रोफेसर डॉ. तबस्सुम नवाब ने किशोरावस्था में स्तनों में होने वाले सामान्य बदलावों और गांठ, त्वचा में परिवर्तन, विकृति तथा निप्पल से स्राव जैसे असामान्य लक्षणों को पहचानने के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने स्तन स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और स्वयं स्तन परीक्षण की विधि भी समझाई।
प्रथम वर्ष की जूनियर रेजिडेंट डॉ. पूर्वा भाटिया ने स्तन कैंसर के जोखिम को कम करने में संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और मोटापे से बचाव की भूमिका पर प्रकाश डाला। द्वितीय वर्ष की जूनियर रेजिडेंट डॉ. आयुषी गुप्ता ने शैक्षिक वीडियो की सहायता से स्वयं स्तन परीक्षण के विभिन्न चरणों का प्रदर्शन किया। छात्राओं को बिना झिझक अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर चर्चा करने तथा जरूरत पड़ने पर माता-पिता और स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सलाह लेने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन सामुदायिक चिकित्सा विभाग की अध्यक्ष प्रो. उजमा इरम के मार्गदर्शन में किया गया, जबकि डॉ. तबस्सुम नवाब ने इसकी निगरानी की। चिकित्सा-सामाजिक कार्यकर्ताओं जकिया, तौसीफ, दानिश और सिस्टर डोरिस डेविड ने आयोजन में सहयोग दिया।
यूनानी चिकित्सा संकाय के निस्वां व कबालात विभाग ने अपने बाह्य रोगी विभाग में आने वाली मरीजों के लिए परामर्श सत्र आयोजित किए। इसके साथ ही विभाग के सभागार में दृश्य-श्रव्य माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इनमें स्तन कैंसर के जोखिम कारकों, चेतावनी संकेतों, स्तन स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, जांच तथा समय पर पहचान और उपचार के लाभों पर जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के तहत 24 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. रोशन परवीन ने “स्तन कैंसर जागरूकता रू लक्षणों को पहचानें, समय पर उपचार लें और एक-दूसरे का सहयोग करें” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने लक्षणों की पहचान, समय पर चिकित्सकीय जांच और प्रभावित व्यक्तियों को भावनात्मक एवं सामाजिक सहयोग देने के महत्व पर जोर दिया।
इन गतिविधियों का आयोजन निस्वां व कबालात विभाग की अध्यक्ष प्रो. सुबूही मुस्तफा के मार्गदर्शन में किया गया। डॉ. अबिहा अहमद खान ने समन्वय किया। प्रो. सैयदा आमिना नाज, डॉ. फहमीदा जीनत और विभाग के स्नातकोत्तर शोधार्थियों ने भी सहयोग दिया।
